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किन कारणों से होता है जीठका कैंसर? जानें लकà¥à¤·à¤£, कारण और इला
शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ अधिक करने वालों को जीठका कैंसर हो सकता है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानते हैं इसके कारण, लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के तरीके-
कैंसर à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है, जिसका नाम सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ ही डर किसी के मन में डर बैठजाता है। शरीर के जिस हिसà¥à¤¸à¥‡ में कैंसर होता है। उसे हमे उसी नाम के कैंसर से जानते हैं। कैंसर कई तरह के होते हैं। जैसे- आंखों का कैंसर, गले का कैंसर, बà¥à¤²à¤¡ कैंसर, जीठका कैंसर इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤ जीठका कैंसर उन लोगों को होता है, जिसके जीठकी कोशिकाओं में कैंसर विकसित होने लगता है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब का अधिक सेवन करने वालों को जीठका कैंसर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ (What causes tongue cancer?) अधिक होती है। जीठका कैंसर होने पर आपको गले में दरà¥à¤¦, निगलने में परेशानी जैसी कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (tongue cancer symptoms) हो सकती हैं। इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर तà¥à¤°à¤‚त ओरल हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से संपरà¥à¤• करें। ताकि समय पर आपकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का निदान किया जा सके। जीठमें कैंसर के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानने के लिठहमने गाजियाबाद की ओरल हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ सिंह से बात की।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ बताती हैं कि जीठका कैंसर सीà¤à¥€ की कोशिशकाओं में विकसित होता है। इसकी वजह से आपके जीठपर घाव बनने लगता है। अगर आपके बà¥à¤°à¤¶ करते समय या फिर चबाते समय दरà¥à¤¦ या फिर मà¥à¤‚ह में गांठजैसा महसूस हो तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। ताकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ इस बीमारी का निदान कर सकेंगे। डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताती हैं कि जीठमें कैंसर दो तरह से होते हैं। पहला जीठके ऊपरी à¤à¤¾à¤— में कैंसर और दूसरा जीठके निचले à¤à¤¾à¤— में कैंसर।Â
जीठके कैंसर का लकà¥à¤·à¤£ (Tongue Cancer Symptoms)
मà¥à¤‚ह का सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना
जीठपर सफेद या लाल रंग के धबà¥à¤¬à¥‡
गले में दरà¥à¤¦ महसूस होना।
गरà¥à¤¦à¤¨ में गांठहोना।
कान में दरà¥à¤¦ होना।
जबड़े में सूजन आना।
दांतों के नीचे ढीलापन
नकली दांत पहनने में कठिनाई होना।
जीठमें दरà¥à¤¦ होना।
जीठके अंदर छाले।
जीठसे खून निकलना।
लंबे समय तक गला बैठना।
बोलने में परेशानी।
खाने पीने में दिकà¥à¤•त।Â
इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ लकà¥à¤·à¤£ जीठकैंसर के हो सकते हैं। अगर इन में से à¤à¤• à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ आपको दिखे, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करें। ताकि समय पर आपका इलाज किया जा सके।
कब डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना है जरूरी?
अगर आपके मà¥à¤‚ह में बार-बार छाला हो रहा है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर दिखाà¤à¤‚।
जीठमें घाव जैसा महसूस होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।Â
अगर आपको थोड़ा सा à¤à¥€ संदेह है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जरूर जाà¤à¤‚। ताकि आपका संदेह दूर हो सके।
जीठके कैंसर का कारण (Causes of Tongue Cancer)
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ बताती हैं कि जीठका कैंसर किन कारणों से होता है, इसके बारे में अà¤à¥€ तक सटीक जानकारी नहीं मिली है। हमारे शरीर में कैंसर तब होता है, जब शरीर की कोशिकाà¤à¤‚ अनियमित रूप से बढ़ने लगती हैं। जीठका कैंसर निमà¥à¤¨ कारणों से हो सकता है।
तंबाकू का सेवन
शराब का सेवन करना।
दांतों का खà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾ होना और चोट लगना।
दांतों को à¤à¤°à¤¨à¥‡ वाला पदारà¥à¤¥ जीठमें लग जाना।
नकली दांत का सही न होना।
गà¥à¤°à¤¾à¤«à¥à¤Ÿ वरà¥à¤¸à¥‡à¤¸ होसà¥à¤Ÿ डिजीज
किन लोगों को है जीठके कैंसर का अधिक खतरा (Risk Factors of Tongue Cancer)
तंबाकू, पान और गà¥à¤Ÿà¤–ा चबाना।
बढ़ती उमà¥à¤° के लोगों कोÂ
महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤· को इसका खतरा अधिक होता है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾
अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक (घर में किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कैंसर होना)
जीठके कैंसर का निदान (Diagnosis of Tongue Cancer)
जीठके कैंसर की जांच करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके कà¥à¤› पूछताछ कर सकते हैं। जैसे- आपके मà¥à¤‚ह में किस तरह की परेशानी है, कब से यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है, खाने में दिकà¥à¤•त है या नहीं, आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन करते हैं या नहीं इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ सवाल आपसे पूछ सकते हैं। आपके जबाव के आधार पर अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को किसी तरह का संदेह होता है, तो कà¥à¤› जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जैसे-
मà¥à¤‚ह की जांच
à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ
सीटी सà¥à¤•ैन
बायोपà¥à¤¸à¥€
जीठके कैंसर का इलाज (Treatment of Tongue Cancer)
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ बताती हैं कि जीठके कैंसर का इलाज मरीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसका इलाज कई तरीकों पर हो सकता है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€
जीठसे टà¥à¤¯à¥‚मर को निकालने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ की मदद से टà¥à¤¯à¥‚मर जीठसे निकाल दिया जाता है। अगर कैंसर का पता समय से चल जाता है, तो जीठमें चीरा लंबा लगाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। हलà¥à¤•े चीरे से टà¥à¤¯à¥‚मर को निकाल दिया जाता है। वहीं, जीठसे बड़े टà¥à¤¯à¥‚मर को निकालने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ की अलग पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जाती है। इसे गà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ कहते हैं।Â
रेडिà¤à¤¶à¤¨ थेरेपी
ऑनà¥à¤•ोलॉजिसà¥à¤Ÿ रेडिà¤à¤¶à¤¨ थेरेपी लेते हैं। इस थेरेपी को करने के लिठशकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ रेडिà¤à¤¶à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² विशेष रूप से बढ़ती कोशिकाओं को नषà¥à¤Ÿ करने के लिठकिया जाता है।
कीमोथेरेपी
रेडिà¤à¤¶à¤¨ थेरेपी के साथ संजोयन करके कीमोथेरपी की जाती है। पूरे शरीर में फैली कैंसर की कोशिकाओं को नषà¥à¤Ÿ करने के लिठइस थेरेपी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। अगर कैंसर लिमà¥à¤« नोडà¥à¤¸ तक फैल जाà¤, तो कीमोथेरेपी को सबसे बेहतरीन विकलà¥à¤¸ माना जाता है।
जीठके कैंसर से कैसे करें बचाव (Prevention Of Tongue Cancer)
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में कà¥à¤› बदलाव करके आप जीठके कैंसर से बच सकते हैं। जैसे -
नियमित रूप से ओरल हेलà¥à¤¥ की जांच कराà¤à¤‚।
फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
खाने में संपूरà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को शामिल करें।
नियमित रूप से बà¥à¤°à¤¶, फà¥à¤²à¥‰à¤¸ और मà¥à¤‚ह की सफाई तकतरें।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से दूर रहें।
शराब का सेवन न करें।
à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ का वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवाà¤à¤‚।
जीठके कैंसर की जटिलताà¤à¤‚ (Complications of Tongue Cancer)
जीठके कैंसर का इलाज अगर समय पर करा लिया जाà¤, तो इसके बेहतर परिणाम निकलते हैं। समय पर जीठके कैंसर का पता लगने पर कई तरह से इलाज किठजा सकते हैं। जिन लोगों में जीठका कैंसर दूसरे अंगों में फैला नहीं होता है, उनका इलाज बहà¥à¤¤ ही आसानी से हो जाता है। जीठके कैंसर का इलाज कराने के बाद कà¥à¤› विशेष तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-
बोलने में दिकà¥à¤•त
निगलने में परेशानी
खाने में परेशानी
सांस लेने में दिकà¥à¤•त
सà¤à¥€ बातों से साफ है कि अगर आपको जीठमें किसी तरह की परेशानी नजर आà¤, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से दिखाना बहà¥à¤¤ ही जरूरी है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपकी लापरवाही आपको खतरे में डाल सकती है। इसलिठजीठका कैंसर होने पर इसका इलाज तà¥à¤°à¤‚त से तà¥à¤°à¤‚त कराà¤à¤‚।
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